Wednesday, 31 May 2023

भीतर ही समाधान

 किसने मिट्टी में प्राण फैलाया

मै हूँ कौन और कहा से आया 

जन्म क्यों किस लिए ये पाया 

मै बाहर रहकर समझ न पाया




किसने ताल पे किसे नचाया

हँसा कौन और कौन रुलाया 

पास होकर दूरी मै देख न पाया 

मै बाहर रहकर समझ न पाया


किसका हृदय मैंने क्यों जलाया

तृष्णा में खुद को क्यों भुलाया

काल से देखो बचा न कुछ पाया

मै बाहर रहकर समझ न पाया


विवेक ने जब अज्ञान जलाया 

मै और मेरा का मैल मिटाया

शून्य में एकत्व का ठौर पाया

हर तरफ दिखा साहब का साया

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