Wednesday, 31 May 2023
आत्मघात
भीतर ही समाधान
किसने मिट्टी में प्राण फैलाया
मै हूँ कौन और कहा से आया
जन्म क्यों किस लिए ये पाया
मै बाहर रहकर समझ न पाया
किसने ताल पे किसे नचाया
हँसा कौन और कौन रुलाया
पास होकर दूरी मै देख न पाया
मै बाहर रहकर समझ न पाया
किसका हृदय मैंने क्यों जलाया
तृष्णा में खुद को क्यों भुलाया
काल से देखो बचा न कुछ पाया
मै बाहर रहकर समझ न पाया
विवेक ने जब अज्ञान जलाया
मै और मेरा का मैल मिटाया
शून्य में एकत्व का ठौर पाया
हर तरफ दिखा साहब का साया
अर्ज़ी
चाहे सूरज की पहली किरण
या स्वेत बादलो की छटा बनकर
चाहे तारो की सजाओ सेज
और आ जाओ तुम चाँद बनकर
आओ देखो सड़ कर मर रहा इंसान
अज्ञान की संकुचित गलियों में गलकर
चाहे दीपक की लौ बनकर
या सन्नाटे में हवा का झोखा बनकर
चाहे बच्चे को लगाओ मार
और आ जाओ तुम पिता बनकर
आओ देखो देखो सड़ कर मर रहा इंसान
अज्ञान की संकुचित गलियों में गलकर
मै चाहता हू बस की आओ
जिससे हर आँख में तुम्हारा तेज
बल बनकर बहे इन बाहुओ में
जिससे हर हृदय में तुम्हारा प्रेम
प्रेरणा बनकर बहे इन शब्दों में
जिससे हर कान में तुम्हारा संगीत
शांति बनकर बहे इस जीवन में
जिससे हर प्राण तुमसे पूर्ण होकर
खेले इस संसार रुपी आँगन में
Friday, 5 May 2023
बुद्धत्व
घर
झलक दिख जाती है तब जब डूबने से बच कर ऊपर आता है कोई अन्यथा नीचे तो बस लाशें है जीवित तो कोई नहीं स्मरण आ जाता है तब जब नींद को दूर कर ऊ...
-
झलक दिख जाती है तब जब डूबने से बच कर ऊपर आता है कोई अन्यथा नीचे तो बस लाशें है जीवित तो कोई नहीं स्मरण आ जाता है तब जब नींद को दूर कर ऊ...
-
किसने मिट्टी में प्राण फैलाया मै हूँ कौन और कहा से आया जन्म क्यों किस लिए ये पाया मै बाहर रहकर समझ न पाया किसने ताल पे किसे नचाया हँसा कौ...

.jpg)
