Friday, 5 May 2023

बुद्धत्व



मुझसे दूर यहाँ 
है सब जीवित खुद को कहते 
हर कोई न मालूम 
क्यों अधमरा सा रहता है

मुझसे दूर यहाँ 
है सब ज्ञानी खुद को कहते 
हर कोई न मालूम
क्यों डरा डरा सा रहता है

मुझसे दूर यहाँ 
है सब बलवान खुद को कहते 
हर कोई न मालूम
क्यों चलना भी नहीं जानता है

सिद्धार्थ होकर यहाँ 
है सब मुझको ही सबमे देखते 
तुम्हारा सिद्धार्थ न मालूम 
क्यों उठना भी नहीं चाहता है


No comments:

Post a Comment

घर

  झलक दिख जाती है तब  जब डूबने से बच कर ऊपर आता है कोई  अन्यथा नीचे तो बस लाशें है जीवित तो कोई नहीं स्मरण आ जाता है तब  जब नींद को दूर कर ऊ...